आंधी तूफान के कहर से झारखंड, यूपी और बिहार लगातार दूसरे दिन भी त्रस्त है। कल से लगातार चल रही आंधी और बारिश की वजह से इन तीनों राज्यों में 35 से ज्यादा लोगों के मारे जाने और 30 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। झारखंड के कई शहरों का जनजीवन अस्त-व्यस्त है और पूरे राज्य की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। जबकि बिहार और उत्तर प्रदेश के कई शहर में भी भारी तबाही मचाई है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार राज्य की राजधानी रांची में पिछले 30 घंटों से अधिक से बिजली नहीं है। जिसकी वजह से शहर में जलापूर्ति नहीं हो सकी है। झारखंड की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन ओरमांझी-कांके परियोजना रविवार रात से ही क्षतिग्रस्त है। इससे ओरमांझी, बूटी मोड़, रुक्का, कांके सहित कांके रोड के कुछ इलाके, बरियातू, कोकर में पिछले दो दिनों से बिजली नहीं आ रही है। इस जबरदस्त आंधी और बारिश के बाद रांची के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स परिसर में 33 हजार वोल्ट का तार गिर जाने से आरएमसीएच सब स्टेशन से बिजली बंद रही।

झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली गिरने की खबर है जिसकी चपेट में आने से 12 लोगों की मौत हो गयी। वहीं 28 लोग झुलस गये। जबकि बिहार में आंधी और ओले के साथ सोमवार देर शाम हुई भारी बारिश के बीच दीवार और बिजली गिरने से 16 लोगों की मौत हो गई। हालांकि प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग का कहना है कि मरने वालों और हताहतों की संख्या बढ़ सकती है।

अचानक आई बारिश को मौसम वैज्ञानिकों ने इसे प्री-मॉनसून बताया है, जिसके लक्षण तीन-चार दिन पहले से बन जाते हैं। तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने से बिहार के सासाराम, कटिहार, औरंगाबाद, नवादा जिले में दो-दो एवं गया जिले में चार लोगों की मौत हो गई।

जबकि झारखंड के चतरा के लावालौंग प्रखंड के कोलकोले पंचायत के हरहद टोला दीपूटांड़ गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गयी। रांची के सिकिदरी के सोसो गांव में बिजली गिरने से मुनेश मुंडा की मौत हो गयी जबकि उनकी बहन रुक्मिणी बुरी तरह झुलस गयी हैं। नामकुम के लाली पंचायत के कोईनार टोली गांव में बच्चे की मौत हो गयी। रामगढ़ के चितरपुर प्रखंड के मारंगमरचा गांव में महिला और सांडी गांव में युवक की मौत हो गयी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया। पलामू के हरिहरगंज में एक की मौत हो गयी। हजारीबाग जिले के गिद्दी प्रखंड के होसिर गांव में महिला की मौत हो गयी, जबकि दो महिला झुलस गयी। लोहरदगा के मुरकी गांव में एक की मौत हो गयी।

बोकारो के पेटरवार के मैनीटुंगरी में युवक की मौत हो गयी। चौपारण में तीन, बेड़ो में एक, मांडर के बढ़ैया गांव में तीन, खूंटी के सालेहातू गांव में छह लोग व दतिया गांव में एक झुलस गये। मुरहू के सिरका पसराबेड़ा गांव में भी एक समारोह के दौरान इसमें शामिल होने आए लोग छह लोग बिजली की चपेट में आ गये लेकिन खबर है कि सभी की स्थिति अब खतरे से बाहर है।
वहीं उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड और कानपुर आसपास के जिलों में भीषण गर्मी देह झुलसा रही है। कुछ जिलों में देर शाम आंधी-पानी के साथ ओलों ने भी कहर बरपाया। इस दौरान बिजली गिरने, लू लगने और कच्ची दीवार ढहने से सात लोगों की जान चली गई।

बुंदेलखंड के बांदा और महोबा में गर्मी ने 15 साल का रिकार्ड तोड़ दिया। दोनों जिलों में अधिकतम तापमान 49 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।जबकि 17 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलीं। जालौन में 48.3, हमीरपुर 48 और चित्रकूट में 47 डिग्री तापमान रहा। कानपुर में अधिकतम तापमान 43.4, कानपुर देहात 44.2, इटावा 43, औरैया 45, फर्रुखाबाद 44.6 तथा फतेहपुर और हरदोई में 43 डिग्री सेल्सियस रहा।

उन्नाव में देर शाम आए तेज आंधी-पानी के दौरान बिजली गिरने से वृद्धा समेत दो लोगों की जान गई। चार लोग झुलस गए। उन्नाव के मौरावां में कच्ची दीवार गिरने से वृद्ध की मौत हो गई। कन्नौज में आंधी के साथ 20 मिनट तक बारिश के साथ ओले भी गिरे। यहां दीवार गिरने से दो मवेशी मर गए। एक कालेज की दीवार भी तेज आंधी में ढह गई।
कानपुर के बिल्हौर में सोमवार शाम बारिश के साथ कई स्थानों पर बिजली गिरने से दो लोगों की जान चली गई।

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