अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सीआईए निदेशक पद के लिए नामित जिना हास्पेल ने सीनेट के समक्ष अपनी नियुक्ति की पुष्टि की सुनवाई के दौरान पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिकों के आतंकवादी गुटों के साथ राजनीतिक रिश्तों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सीआईए भी इस गठजोड़ को लेकर चिंतित है और आगे भी रहेगा।
सीआईए पद के लिए नामित जिना हास्पेल ने अमेरिकी सीनेट के सदस्यों को दिया बेबाक जवाब

जिना हास्पेल ने अमेरिकी सीनेट चयन खुफिया समिति के सदस्यों को बताया कि हम पाक परमाणु वैज्ञानिकों और आतंकियों के बीच राजनीतिक रिश्तों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। वह सीनेटर जॉन कॉर्निन के इस सवाल का जवाब दे रही थीं। यदि सीनेट द्वारा हास्पेल का चयन किया जाता है तो अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) की वह पहली महिला प्रमुख होंगी, जो हाल ही में विदेश मंत्री बने माइक पोम्पियो की जगह लेंगी।

हास्पेल के नाम की पुष्टि होने पर वह खुफिया एजेंसी की पहली महिला प्रमुख होंगी
सुनवाई के दौरान सीनेटर कॉर्निन ने पूछा कि गोपनीय जानकारी का खुलासा किए बिना, क्या आप बता सकती हैं कि परमाणु व जैविक हथियारों का उपयोग करके 9/11 जैसे अन्य हमलों को लेकर जॉर्ज बुश प्रशासन में चिंताएं थीं।

क्योंकि कहा जा रहा था कि ओसामा बिन लादेन और अलकायदा के लोग परमाणु कार्यक्रम से जुड़े पाक अधिकारियों से मिल रहे थे, जिनका मकसद 9/11 जैसे हमलों को अंजाम देकर अमेरिकी मासूमों को मारना था? हास्पेल ने जवाब दिया कि उस मोर्चे पर गंभीर चिंताएं थीं और वास्तव में अलकायदा के पास जैविक हथियार कार्यक्रम था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here